शारदीय नवरात्रि · 11 से 20 अक्टूबर 2026 · Orders 10 अक्टूबर को बंद।

मेरी कुंजिका तैयार करें

शुभ साधना · शारदीय नवरात्रि 2026

शादी की बात बार-बार रुक जाती है?
इस नवरात्रि उसी एक बात के लिए व्यक्तिगत देवी साधना कीजिए।

घर में जिसके विवाह की प्रतीक्षा है, माँ के सामने उसी का नाम रखिए। आपके नाम से, आपके शहर के सही मुहूर्त पर, और सिर्फ़ विवाह के लिए बनी साधना।

अपने विवाह के लिए · बेटी के लिए · बहन के लिए · भाई के लिए · बेटे के लिए

नवरात्रि संकल्प कुंजिका

मनोकामना पूर्ति के लिए गुप्त देवी साधना

10 आसान सवाल · 15 मिनट · कुंजिका आपके email पर

नवरात्रि संकल्प कुंजिका का लाल आवरण

आपके नाम से

व्यक्तिगत साधना

घर में एक बात है, जो हर साल वहीं की वहीं रह जाती है।

रिश्ते आते हैं। बात चलती है। और फिर कहीं जाकर रुक जाती है।

कभी कुंडली में कुछ निकल आता है। कभी उनकी तरफ़ से जवाब नहीं आता। कभी सब तय जैसा लगता है, और आख़िरी समय पर बात बिगड़ जाती है।

रिश्तेदार पूछना बंद नहीं करते। शादियों में जाना भारी लगने लगता है। कोई ठीक से पूछता है, कोई ताना देकर।

उम्र भी बढ़ती जा रही है।

नवरात्रि में लाखों लोग एक ही पूजा करते हैं।
लेकिन हर किसी की मनोकामना एक जैसी नहीं होती।

एक घर में बेटी के विवाह की प्रतीक्षा है।
दूसरे घर में कर्ज़ है।
तीसरे में किसी की बीमारी है।

तीनों घरों में एक ही आरती होती है। एक ही चालीसा पढ़ी जाती है। वही YouTube वाला video चलता है, जो सबके लिए एक जैसा बना है।

और यही सबसे बड़ी चूक है।

क्योंकि शास्त्र में उपासना कभी सबके लिए एक जैसी नहीं रही। माँ के नौ स्वरूप हैं, और हर स्वरूप की अपनी महिमा है। किस मनोकामना के लिए किस स्वरूप की, किस मंत्र से, किस क्रम में उपासना होती है, यह शास्त्र में लिखा हुआ है।

यानी आपकी बात के लिए एक अलग रास्ता है। वह रास्ता आपको कभी बताया ही नहीं गया।

इसीलिए हर साल आप वही करती हैं जो सब करते हैं। और हर साल वही परिणाम रहता है।

इस बार माँ के सामने "पूजा" नहीं, आपका संकल्प और आपकी बात रखी जाएगी।

जब आप बैठेंगी, तो सामने जो कुंजिका होगी उसमें आपका नाम होगा, और उनका भी नाम होगा जिनके विवाह की प्रतीक्षा है।

उसमें वही स्वरूप होगा, वही मंत्र होगा, वही क्रम होगा जो शास्त्र में इसी बात के लिए बताया गया है।

संकल्प वह धागा है जो नौ दिन को एक ही बात से बाँध देता है।

संकल्प के बाद पूजा "एक और पूजा" नहीं रह जाती। वह उसी विवाह के लिए की गई साधना बन जाती है।

और जब मन एक जगह टिकता है, तो नौ दिन का भाव ही बदल जाता है।

और यह साधना आप किसी के लिए भी कर सकती हैं

परंपरा में प्रार्थना अपने लिए भी होती है, और अपनों के लिए भी। माँ बेटी के लिए, बहन भाई के लिए, माता-पिता संतान के लिए।

  • ✦अपने विवाह के लिए
  • ✦अपनी बेटी के विवाह के लिए
  • ✦अपनी बहन के विवाह के लिए
  • ✦अपने भाई के विवाह के लिए
  • ✦अपने बेटे के विवाह के लिए

Question Form में आप यही चुनेंगी, और उसी के अनुसार आपकी कुंजिका बनेगी।

जिनका विवाह होना है, उनका उस समय घर पर होना ज़रूरी नहीं है। बहुत सी माएँ यह साधना अपनी बेटी के लिए करती हैं, जब बेटी office में होती है या दूसरे शहर में। बहुत सी बहनें यह भाई के लिए करती हैं।

आप कर रही हैं। नाम उनका है। प्रार्थना दोनों की है।

फिर यह रास्ता लोगों तक पहुँचा क्यों नहीं?

इसलिए नहीं कि श्रद्धा कम है। इसलिए कि किसी ने बताया ही नहीं।

माँ जी कुछ कहती हैं। YouTube पर हज़ार video, सब का अलग क्रम। एक blog कुछ कहता है, दूसरा कुछ और कहता है।

और जो बात आपके काम की है, वह इस सारे शोर में कहीं दब जाती है।

तीन घंटे खोजने के बाद भी आप वहीं खड़ी रहती हैं, पहले से ज़्यादा उलझी हुई।

और इस बीच जो-जो करवाया गया

कुंडली, दोष और उपाय

किसी ने कहा दोष है। किसी ने उपाय बताया। किसी ने कहा अगले साल तक ठीक हो जाएगा। हर बार नया खर्च, और हर बार अंदर बेचैनी थोड़ी और बढ़ गई।

YouTube की लंबी list

एक video से दूसरा, दूसरे से तीसरा। हर video ने अलग क्रम बताया, अलग मंत्र बताया।

WhatsApp के forward

"यह पाठ 21 दिन कीजिए।" कहाँ से आया, किसने लिखा, किसी को नहीं पता। पर मन ने मान लिया, क्योंकि और कोई सहारा नहीं था।

और फिर "ज़्यादा" करने की कोशिश

ज़्यादा कठिन व्रत। ज़्यादा बार जाप। ज़्यादा दीपक। क्योंकि लगता है शायद कम पड़ रहा है। पर सवाल यह कभी पूछा ही नहीं गया कि आपकी बात के लिए सही क्या है।

यह सब कुछ देर के लिए मन हल्का करते हैं। कुछ समय बाद फिर से वही बेचैनी लौट आती है।

प्रस्तुत है

नवरात्रि संकल्प कुंजिका

मनोकामना पूर्ति के लिए गुप्त देवी साधना

यह कोई ebook नहीं है। यह "नवरात्रि पूजा विधि" वाली वही free PDF नहीं है जो सबको एक जैसी मिलती है।

यह एक व्यक्तिगत कुंजिका है जो order मिलने के बाद, आपके अपने जवाबों से, सिर्फ़ आपके लिए बनाई जाती है।

आप 10 आसान सवालों के जवाब देंगी। 2 मिनट लगेंगे। उसके बाद आपकी कुंजिका बनती है और आपके email पर आ जाती है।

नवरात्रि संकल्प कुंजिका का लाल आवरण

आपकी कुंजिका में क्या-क्या सिर्फ़ आपका होगा

1. आपका नाम, और उनका नाम

जिस बात के लिए आप पूजा और संकल्प कर रही हैं, वह कुंजिका में लिखी हुई मिलेगी। आपके नाम के साथ। आप बस पढ़कर बोल सकती हैं, रटने की आवश्यकता नहीं।

2. आपके शहर का समय

घटस्थापना का मुहूर्त जयपुर में अलग है, पटना में अलग, इंदौर में अलग। आपकी कुंजिका में आपके शहर के दिन और समय लिखे होंगे। अष्टमी, नवमी और कन्या पूजन, सबका। अब "मेरे शहर में कन्या पूजन कब है" कहीं नहीं खोजना पड़ेगा।

3. विवाह के लिए बना अलग क्रम

जो कुंजिका घर की शांति के लिए बनती है और जो विवाह के लिए बनती है, वे एक जैसी नहीं होतीं। स्वरूप अलग, मंत्र अलग, पाठ का क्रम अलग।

4. आपके पास रोज़ जितना समय है, उतना ही क्रम

25 मिनट। 45 मिनट। या उससे ज़्यादा। बता दीजिए, कुंजिका उसी हिसाब से बनेगी। हम आपको वह क्रम नहीं देंगे जिसे आप निभा ही नहीं पाएँगी। अधूरा छोड़ना, शुरू ही न करने से ज़्यादा दुख देता है।

और अगर घर में कलश रखने की जगह नहीं है, तो बिना कलश वाला पूरा अलग विधान आपकी कुंजिका में आएगा। वह कम नहीं है, वह उतना ही पूरा है।

और एक बात, जो बहुत कम लोग जानते हैं

शास्त्र में मनोकामना के लिए जो पाठ बताया गया है, वह सात सौ श्लोकों का है। घर-गृहस्थी में रहते हुए नौ दिन में उसे पूरा करना लगभग असंभव है। इसीलिए लोग शुरू करते हैं, और बीच में छोड़ देते हैं।

पर उसी शास्त्र में एक छोटा रास्ता भी दिया गया है।

उस रास्ते के बारे में शिवजी स्वयं पार्वती जी से कहते हैं कि इसके पाठ मात्र से पूरे पाठ का फल मिलता है।

और उसी जगह शिवजी ने यह भी कहा: "इसे गुप्त रखना।"

यह शास्त्र के अपने शब्द हैं। और यही कारण है कि यह बात घर-घर तक नहीं पहुँची, और यही कारण है कि आपने इसे YouTube पर उतनी बार नहीं सुना जितनी बार दुर्गा चालीसा सुनी है।

इसका पूरा पाठ, अर्थ के साथ, आपकी कुंजिका में दिया गया है।

जो कुछ चाहिए, सब एक जगह

आपको दो files मिलेंगी।

पहली आपकी अपनी कुंजिका है। उसमें आपका नाम है, आपके शहर का समय है, और आपकी बात के लिए बना नौ दिन का क्रम है। रोज़ सुबह आप बस एक page खोलेंगी, और आपको पता होगा कि आज क्या करना है, कितनी देर करना है, और क्यों करना है।

दूसरी मंत्र कुंजिका है। नवरात्रि में जो कुछ पढ़ा जाता है, वह सब पूरा और शुद्ध रूप में एक जगह दिया गया है। बड़े अक्षरों में, ताकि दीपक की रोशनी में भी पढ़ा जाए। अब बीच पाठ में phone उठाकर कुछ खोजना नहीं पड़ेगा।

और हर श्लोक के साथ उसका अर्थ, सरल हिंदी में।

यह सबसे बड़ी बात है। आप सिर्फ़ बोलेंगी नहीं, आप समझेंगी कि आप क्या प्रार्थना कर रही हैं। और जब अर्थ समझ में आता है, तब वही क्षण पूजा को प्रार्थना बना देता है।

दोनों files दो रूप में मिलेंगी। mobile पर पढ़ने के लिए, और print के लिए, जो किसी भी दुकान से छप जाएगी। बहुत लोग इसे छपवाकर रखते हैं।

और अगर बीच में जीवन आ जाए? Job या काम की वजह से समय कम है?

यह वह सवाल है जिसका जवाब कहीं नहीं मिलता।

आम guide आपको वहीं छोड़ देती है। वह सिर्फ़ perfect दिन का विधान बताती है। और जब आपका दिन perfect नहीं होता, तो आप चुपचाप रुक जाती हैं, और बाकी दिन ग्लानि में बिताती हैं।

आपकी कुंजिका में एक पूरा हिस्सा सिर्फ़ ऐसे ही दिनों के लिए है।

  • आज बिल्कुल समय नहीं है, तो उस दिन का छोटा विधान
  • कल का पाठ छूट गया, तो आगे कैसे बढ़ना है
  • Periods शुरू हो गए, तो परंपरा में इसका भी रास्ता है, और वह साफ़ लिखा है
  • बीच में तबीयत खराब हो गई, तो उसका भी विधान है
  • घर में मैं अकेली कर रही हूँ, तो पूरा क्रम अकेले के लिए भी बना है
  • कहीं कुछ चूक हो गई, तो क्षमा प्रार्थना, और यह समझ कि एक चूक से भक्ति समाप्त नहीं होती

इसलिए इस बार दशमी को वह सवाल मन में नहीं आएगा।

"सही हुआ भी या नहीं?"

इस बार आप जानेंगी कि क्या किया, क्यों किया, और किस विधि से किया।

अब मूल्य की बात

विवाह की प्रतीक्षा में घर क्या-क्या खर्च कर चुका होता है, आप जानती हैं:

पंडित जी से घर पर नवरात्रि पूजा₹4,000 से ₹16,000
घर पर पाठ करवाना₹3,000 से ₹12,000
कुंडली मिलान, दोष और उपाय₹999 से ₹7,000
मंदिर का अनुष्ठान package₹2,500 से ₹15,000

और इनमें से कई बार वापस वही सामान्य बात मिलती है, जो सबको मिलती है।

₹751

एक बार। कोई monthly नहीं। कोई छिपा हुआ खर्च नहीं। कोई बाद में call नहीं।

यह किसके लिए है

यह किसके लिए है

  • ✦घर में किसी के विवाह की प्रतीक्षा है, चाहे वह आप हों या आपका कोई अपना
  • ✦आप माँ दुर्गा पर श्रद्धा रखती हैं और इस बार सही विधि से करना चाहती हैं
  • ✦आप हिंदी पढ़ सकती हैं
  • ✦आप रोज़ कम से कम 25 मिनट निकाल सकती हैं

यह किसके लिए नहीं है

  • ✕आप यह चाहती हैं कि कोई तारीख़ बता दे कि विवाह कब होगा। कोई भी ईमानदार व्यक्ति वह नहीं बता सकता, और हम भी नहीं बता सकते।
  • ✕आप कोई टोटका या जल्दी वाला उपाय खोज रही हैं
  • ✕आप बिना कुछ किए बदलाव चाहती हैं। कुंजिका रास्ता दिखाती है, चलना आपको ही होगा।

तीन कदम

1

Form भरिए

10 सवाल, सब सरल भाषा में। 2 मिनट।

2

₹751 का भुगतान कीजिए

UPI, card या netbanking।

3

Email खोलिए

आपकी कुंजिका 15 से 30 मिनट में आपके email पर आ जाएगी। Phone में पढ़िए, या छपवा लीजिये।

Email address ध्यान से लिखिएगा। वही एक जगह है जहाँ चूक हो सकती है, और वहीं आपकी कुंजिका आएगी।

आख़िरी कुछ सवाल

आख़िरी कुछ सवाल

यह कहाँ से लिया गया है? किसी ने अपने मन से तो नहीं लिख दिया?

यह पूछना आपका अधिकार है। सारे संस्कृत पाठ शास्त्र, पुराणों व पुस्तकों (जैसे गीता प्रेस) से मिलाकर रखे गए हैं। पंचांग के सारे समय मिलाए गए हैं। सारे स्रोत कुंजिका के आख़िरी page पर लिखे हैं, ताकि आप खुद देख सकें।

मैं अपनी बेटा/बेटी के लिए कर रही हूँ। वह साथ नहीं बैठ पाएगी।

कोई बात नहीं। परंपरा में माता-पिता संतान के लिए प्रार्थना करते आए हैं। कुंजिका में आपका नाम और उनका नाम, दोनों आएँगे।

मुझे संस्कृत नहीं आती।

यह कुंजिका आप जैसों के लिए ही बनी है। हर संस्कृत श्लोक के साथ सरल हिंदी में श्लोक व अर्थ है। परंपरा में भाव को सबसे ऊपर रखा गया है। समझकर पढ़ा गया पाठ, बिना समझे रटे गए पाठ से आगे है।

क्या माँ हिंदी में की गई प्रार्थना सुनती हैं?

मन की बात के लिए कोई भाषा की शर्त नहीं रखी गई। प्रार्थना हिंदी में भी उतनी ही सच्ची है।

मेरे पास रोज़ 20-25 मिनट ही हैं। मैं office जाती हूँ।

Form में आप यही बताएँगी और कुंजिका 25 मिनट के हिसाब से ही बनेगी। सुबह और शाम, दोनों का विकल्प दिया गया है।

बीच में महावारी (periods) शुरू हो गई तो?

यह सबसे ज़्यादा पूछा जाने वाला सवाल है, और इसका जवाब कुंजिका में साफ़ लिखा है। परंपरा में इसके लिए भी रास्ता दिया गया है।

घर में कलश रखने की जगह नहीं है।

तो आपको बिना कलश वाला पूरा विधान मिलेगा। वह अधूरा नहीं है, अलग है।

क्या सबको एक ही कुंजिका मिलती है?

नहीं। आपका नाम, आपका शहर, आपका समय, आपकी मनोकामना, संकल्प, आपके घर की स्थिति, ये सब कुंजिका को बदल देते हैं।

पहले भी बहुत कुछ करवा चुके हैं, कुछ नहीं हुआ।

हम यह नहीं कह रहे कि पहले जो किया वह गलत था। हम सिर्फ़ यह कह रहे हैं कि शायद आपकी अपनी बात के लिए बना रास्ता कभी अपनाया ही नहीं गया। इस बार वह कीजिए।

पैसे वापस मिलेंगे?

यह कुंजिका आपके नाम से, सिर्फ़ आपके लिए बनती है, इसलिए बन जाने के बाद वापसी नहीं होती। पर अगर कुंजिका न पहुँचे, तो email कीजिये हम तुरंत भेजेंगे।

एक बात जो हम पक्के तौर पर कह सकते हैं

हम यह नहीं कह सकते कि विवाह कब होगा। ऐसा कहने वाले से दूर रहिए।

पर यह शास्त्र परंपरा की अपनी बात है, और इसे हम पूरे विश्वास से दोहराते हैं:

श्रद्धा से लिया गया संकल्प कभी व्यर्थ नहीं जाता

एक बात जो हम बदल नहीं सकते

घटस्थापना 11 अक्टूबर को है।

साधना पहले ही दिन से शुरू होती है। इसलिए कुंजिका उससे पहले आपके हाथ में होनी चाहिए।

इसीलिए order 10 अक्टूबर रात्रि को बंद हो जाएँगे।

उसके बाद कोई late order नहीं लिया जाएगा। इसलिए नहीं कि हम भेजना नहीं चाहते, बल्कि इसलिए कि अधूरी तैयारी के साथ नवरात्रि शुरू करवाना आपके साथ अन्याय होगा।

इस नवरात्रि दो में से एक बात होगी।

पहली, वही जो हर साल होती है।

आप व्रत रखेंगी। दीपक जलाएँगी। वही आरती, वही पाठ, जो सब करते हैं। बीच में कोई दिन उलझ जाएगा और आप चुपचाप रुक जाएँगी। और दशमी की शाम वही धीमी सी बात फिर आएगी।

दूसरी, जो इस बार हो सकती है।

आप अपने शहर के सही समय पर बैठेंगी। सामने आपकी अपनी कुंजिका होगी, जिस पर आपका नाम लिखा है और उनका भी, जिनके विवाह की प्रतीक्षा है।

आप उसे खोलेंगी। और पहली बार, अपने मुँह से, माँ के सामने वह बात रखेंगी जो सिर्फ़ मन में थी।

नौ दिन आप भटकेंगी नहीं। रोज़ आपको पता होगा कि आप क्या कर रही हैं और क्यों कर रही हैं।

और दशमी को मन में सवाल नहीं होगा।

मन में यह होगा:

"इस बार मैंने वह नहीं किया जो सब करते हैं। इस बार मैंने अपनी बात के लिए, सही विधि से, पूरे मन से किया।"

₹751 में यही मिल रहा है।
कोई चमत्कार नहीं। कोई तारीख़ का वादा नहीं।
आपकी अपनी बात के लिए बना एक सच्चा रास्ता, और उस पर चलने की पूरी विधि।